dreamबेजुबां ज़िन्दगी में खो जा,
ज़मीं के पहलुओं में खो जा,
चीटियों से बनते कारवां में खो जा,
चिड़ियों से उड़ते ख्वाबों में खो जा.

खो जा फिर हवाओं में,
चंद आँसुओं में खो जा,
बह जा फिर फ़िज़ाओं में,
कागज़ के पुर्रो में खो जा.
उसकी इबादत में खो जा,
उसकी चाहत में खो जा,
ऐ दिल! ख़फ़ा क्यूँ होता है?
एक नई-नवेली आरज़ू में खो जा.

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